5 Moral Stories In Hindi

कुछ बच्चे गुरुजी से ऐसे ही शाम को मिलने आए और कहा गुरुजी आज हमें आपसे कुछ कहानी सुननी है, गुरुजी मुस्कुराए और कहा ठीक है बच्चों तुम लोग आंगन में बैठो मैं आता हूं।
शाम का वक्त था सूरज ढल चुका था आकाश हल्का सा नारंगी रंग से भरा हुआ था, ठंडी-ठंडी हवाएं चल रही थी , पंछी घर लौट रहे थे ,उनकी मीठी सी आवाज उनके कानों में जा रही थी और वह घर में एक हल्की सी धीमी रोशनी थी, लेकिन बच्चों की आंखों में उत्साह था ।
सभी बच्चे आराम से चटाई लेकर बैठ गए और फिर गुरुजी आए और कहा कहा , बच्चों आज कुछ मजेदार कहानी सुनाने जा रहा हूं, जो आपके जीवन में सीख देगी ।
बच्चों की आंखों में चमक आ गई सब खुश हो गए और सब कान लगा कर, सुनने के लिए तैयार थे,क्योंकि उन्हें पता था की कहानियों की दुनिया में उन्हें कुछ नया सीखने वाले है ,कभी सच्चाई की ,कभी दोस्ती की ,और कभी मेहनत की जो जीवन में हमेशा काम आएगी।
1. सच्चाई की ताकत
एक छोटे से गांव में एक बच्चा था, जिसका नाम था राजू वह बहुत ही ईमानदार और सच्चा था, देखने में बहुत शरीफ और बातें भी बहुत अच्छी करता था, एक दिन रास्ते में उसे एक चमचमाता नया किसी का गिरा हुआ बटवा मिला ।

जब उसे उसने उठाया उसे एहसास हुआ कि इसमें कुछ है जैसे उसने खोला उसने ढेर सारे पैसे थे ,राजू के मन में लालच तो आई लेकिन राजू के मन में जो लालच आई थी उसे दूर भगा दिया राजू जानता था ,कि यह किसी और का है इस पर किसी और का हक है ,जिसका होगा वह कितना परेशान हो रहा होगा ।
यह सब सोचते हुए हुए ,उसने गांव के चौकीदार को वह बटवा जाकर दे दिया ,कुछ समय बाद बटुए का जब मालिक आया, बटुआ ढूंढ रहा था, उसे पता चला कि बटुआ है वह चौकीदार के पास है जाकर उसने बटवा लिया और उसे धन्यवाद किया चौकीदार ने बताया धन्यवाद ,मेरा मत कीजिए धन्यवाद कीजिए राजू का जिसने आपका बटवा लौटाया है ।
राजू की ईमानदारी से इतना खुश हो गया उसने राजू को इनाम में ढेर सारे पैसे भी दिए ,गांव वालों ने भी उसकी बहुत तारीफ की बच्चे हो तो राजू जैसे हो ।
इस कहानी से सिख मिलता है ,सभी को हमेशा ईमानदार होना चाहिए
2. शेर और चूहा
एक घना जंगल था, जंगल में एक ही राजा होता है शेर लेकिन हां कुछ ऐसे भी प्राणी वहां पर होते हैं जो बहुत महत्व रखते हैं ,जंगल को बनाने में एक ऐसे ही कहानी है शेर और चूहे की उनकी मित्रता कैसी होती है ।
एक बार की बात शेर सो रहा होता है ,तभी एक नन्हा सा चूहा उसके ऊपर चढ़कर मस्ती कर रहा होता है उसे पता नहीं होता है कि वह जहां चढ़ा है वह शेर है शेर उठता है उसे गुस्सा आता है और वह चूहे को पकड़ लेता है और कहता है मै तुझे खाऊंगा, चूहा कहता मुझे खा के आपका क्या ही होगा।

महाराज मुझे माफ कर दीजिए मुझे नहीं पता था कि आप नीचे सो रहे हैं एक दिन में आपकी मदद जरूर कर सकता हूं, शेर हंसते हुए उसे छोड़ देता है।
एक दिन एक शिकारी आता है ,जिसे शेर की तलाश रहती है जिसे वह सर्कस ले जा सके कुछ समय घूमने के बाद मुझे उसे एहसास होता है ,कि एक शेर जो है वह पेड़ के नीचे सो रहा है उसने जाल फसाया और शेर को पकड़ लिया । कुछ समय बाद शेर को समझ में आ गया कि मैं इस जाल से बाहर नहीं आ पाऊंगा और वह जोर-जोर से दहाड़ने लगा।
तभी वहां से चूहा जा रहा था, शेर ने सारी कहानी बताएं, कि मैं सो रहा था किसी ने जाल फेंका और मैं फंस गया चूहे ने कहा मैं आपको अकेले तो आजाद नहीं कर सकता हूं मैं अपने मित्रों को बुलाकर लेकर आता हूं चूहा दौड़ते हुए जाता है शेर यहां परेशान की सोचता है।
यार यह क्या कर पाएगा , चूहा जाता है अपने मित्रों को बुलाकर लेकर आता है चूहा और सब मिलकर उस जाल को काट देते हैं और शेर आजाद हो जाता है शेर सभी को धन्यवाद कहता है और कहता है ।
मुझे यकीन नहीं था कि मैं बच पाऊंगा आज तुम लोगों ने आज मुझे एक नया जीवन दिया है, मैं तुम्हें जीवन भर कभी परेशान नहीं करूंगा यह कहकर शेर सबसे हाथ जोड़कर फ़मी मांगता है ,और उनमें दोस्ती हो जाती है ।
इस कहानी से हमें ये सीख मिलती है ,कब कौन आपकी मदद कर दे यह आप भी नहीं जानते
3. लालची कुत्ता
हम सभी जानते हैं कि कुछ जानवर ऐसे होते हैं जो बहुत ही शरीफ भी होते हैं और बहुत ज्यादा लालची,कुत्ता उनमें से एक होता है, एक बार की बात है एक कुत्ते को एक हड्डी मिली उसे वह अपने मुंह में दबा कर ,लकड़ी से बने पुल पर जा रहा था।
उसे नीचे उसकी परछाई दिखी उसे लगा कि यह कौन है ,उसके मुंह में भी हड्डी है उसे मारकर उसका हड्डी छीन लेता हु,जो उसे लगा तो वह देखने लगा और जैसे ही वह मुंह खोला भौंकने के लिए , उसकी हड्डी उसके मुंह से नीचे गिर गई अब वह परेशान हो गया।
उसने लालच में आकर जैसे मुंह खुला हड्डी नीचे गिर गई और उसके हाथ में कुछ नहीं था जो उसके हाथ में था वह चला गया उसकी हड्डी।
यह छोटी सी कहानी हमें यह बताती है की लालच हमेशा बुरी होती है हमें हमारे लालच पर हमेशा नियंत्रण रखना चाहिए ताकि हम कभी भी गलत कदम ना उठाएं और जो हमारे पास है उसे बिना गंवाए।
4. दो मित्र और भालू
यह कहानी मुझे हमेशा बहुत प्रेरित करती है दो मित्र होते हैं जंगल जा रहे होते हैं बहुत ही ज्यादा मित्रता होती है एक दूसरे के प्रति ,जंगल जाते-जाते बातें करते-करते चल रहे होते हैं ,अचानक से एक खूंखार भालू कहीं से आ जाता है, उसका पहला मित्र जिसे वह अपना सच्चा मित्र कहता है वह भाग जाता है वह भाग कर पेड़ पर चढ़ जाता है और दूसरा जो मित्र होता

है ।
उसे कुछ नहीं समझ में आता है वह जमीन पर लेट जाता है भालू आता है भालू उसे देखकर चला जाता है, कुछ समय बाद जब मित्र नीचे उतरता है कहता है ,भालू ने क्या कहा तुमसे ,तो वह कहता है आसमान की तरफ देखकर कहा वही जो की “मुसीबत में साथ ना दे सिर्फ दोस्त नहीं कहना चाहिए”
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि सच्चा मित्र वही है ,जो मुसीबत में डटकर साथ में खड़ा रहे।
5. धीमी और तेज़ कछुआ और खरगोश
एक बार जंगल में खरगोश और कछुआ दौड़ लगाने की बात करते हैं खरगोश तेजी से दौड़ता है और कछुआ धीरे धीरे , खरगोश आगे निकल जाता है और सोचा मै तो बहु आगे आ गया हुआ ,यह कुछ देर में विश्राम कर लेता हूं फिर यह चलता हु।

वही दूसरी तरह कछुआ धीरे धीरे ही सही आगे बढ़ते रहता है आगे चलते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच जाता हैं।
खरगोश जब उठता है उसे लगता कछुआ अब भी पीछे है ,मैं तो दौड़ जीत जाऊंगा,और वह आराम आराम से आता है और देखता है वह दौड़ हार गया है,और दौड़ में कछुआ जीत गया है ,
इस कहानी हमें सिख मिलता हुआ ,सोने वाला व्यक्ति हमेशा सब कुछ खो देता है तो मेहनत करते रहें हमेशा थोड़ा थोड़ा और आगे बढ़ते रहें।
धन्यवाद,
जय हिंद