Paise Se Badi Imaandari – Children Moral Story
Paise Se Badi Imaandari – Children Moral Story
ईमानदारी सबसे बड़ी ताकत है। जो बच्चा मुश्किल समय में भी सच का साथ देता है, वही सच्चा विजेता बनता है। Paise Se Badi Imaandari – Children Moral Story
एक ऐसी कहानी जो हम सबके जीवन में घटित होती है ,तो चलिए शुरू करते हैं (Paise Se Badi Imaandari – Children Moral Story) कहानी शुरू होती है एक छोटे से सुंदर गांव में जहां ,राहुल नाम का एक बच्चा रहता था। राहुल की उम्र सिर्फ दस वर्ष थी। उसके पिताजी मेहनत-मजदूरी करते और मां घरों में काम करके मिलजुल कर परिवार चलाती थीं।
घर की हालत ज्यादा अच्छी नहीं थी, लेकिन राहुल के माता-पिता ने उसे एक बात हमेशा सिखाई थी — सच और ईमानदारी कभी मत छोड़ना। यही बात राहुल को भ गई।
राहुल रोज़ सुबह समय पर स्कूल जाता था। उसके पास बहुत ज़्यादा किताबें या खिलौने तो नहीं थे, फिर भी वह खुश रहता था। उसे पढ़ाई करना लिखना बहुत पसंद था और वह बड़ा होकर एक अच्छा इंसान बनना चाहता था।
एक दिन की बात है। राहुल पाठशाला जा रहा था। रास्ते में कच्ची सड़क के पास उसे ज़मीन पर एक बटुआ पड़ा हुआ दिखा। उसने बटुआ उठाकर देखा तो उसमें काफी पैसे और एक पहचान पत्र था।
राहुल थोड़ी देर के लिए रुक गया। उसके मन में कई बातें चलने लगीं। उसने सोचा,
“इन पैसों से मैं नई कॉपी, किताब और जूते खरीद सकता हू। मां-पापा को भी थोड़ी मदद मिल जाएगी।”
लेकिन तभी उसे अपनी मां की बात याद आई ,कि
“बेटा, जो हमारा नहीं है, उसे कभी नहीं रखना चाहिए।”
Paise Se Badi Imaandari – Children Moral Story
राहुल का मन थोड़ा सा दुखी हुआ, लेकिन उसने तय कर लिया कि वह गलत काम नहीं करेगा। उसने बटुआ अपने बैग में रखा और सीधे स्कूल चला गया।
पाठशाला पहुंच कर राहुल ने सबसे पहले अपने गुरुजी को बुलाया और पूरी बात सच-सच बता दी। गुरुजी ने बटुए में रखे पहचान पत्र को देखा और बटुए के मालिक को पाठशाला बुलाया।
थोड़ी देर बाद एक बुज़ुर्ग आदमी पाठशाला आए। उनका चेहरा बहुत परेशान लग सा रहा था। जब गुरुजी ने बटुआ दिखाया, तो उनकी आंखों में खुशी के अश्रु आ गए। उन्होंने कहा,
Paise Se Badi Imaandari – Children Moral Story “बेटा, यह बटुआ खो जाने से मैं बहुत परेशान था।” गुरुजी ने राहुल की तरफ इशारा करते हुए कहा, “ बटुआ इस बच्चे ने ईमानदारी से लौटाया है।” बुज़ुर्ग आदमी ने राहुल के सिर पर हाथ रखा और कहा, “बेटा, तुम बहुत अच्छे हो।”
उन्होंने राहुल को इनाम के तौर पर पैसे देना चाहा। राहुल ने विनम्रता से मुस्कराकर कहा, “मुझे इनाम नहीं चाहिए अंकल। आपने अपना बटुआ पा लिया, यही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है।”
यह सुनकर वहा खड़े सभी लोग राहुल की तारीफ करने लगे। गुरुजी ने पूरी कक्षा के सामने राहुल को खड़ा किया और कहा, “राहुल ने हमें सिखाया है कि हालात चाहे जैसे भी हों, Paise Se Badi Imaandari – Children Moral Story ईमानदारी कभी नहीं छोड़नी चाहिए।”
उस दिन राहुल का दिन बन गया ,राहुल को कोई इनाम तो नहीं मिला, लेकिन उसे जो सम्मान पाया और खुशी मिली, वह किसी दौलत से कम भी नहीं थी।
राहुल मन ही मन खुश था, कि उसने सही रास्ता चुना।
हम सभी ने कभी न कभी ऐसी परिस्थिति का सामना किया है, या करेंगे तो हम सूझ बुझ से काम लेंगे और लालच नहीं करेंगे ।
सीख (Paise Se Badi Imaandari – Children Moral Story )
ईमानदारी ही सबसे बड़ी ताकत है। जो बच्चा मुश्किल समय में भी सच का साथ देता है, वही सच्चा विजेता बनता है।
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धन्यवाद, जय हिंद

Imandari se kiya gaya har karya sahi lagta hai