समय की कीमत करना सीखो– Hindi Kahani
समय की कीमत करना सीखो– हिंदी कहानी
समय की कीमत करना सीखो– Hindi Kahani राहुल और समय की घड़ी- कहानियां तो हम सबने सुनी ये कहानी थोड़ी अलग है,बात है एक छोटे से गांव में राहुल नाम का एक बच्चा रहता था।

राहुल बहुत होशियार था, लेकिन उसकी एक आदत भी थी — हर काम में देर करना । वह स्कूल के लिए भी देर से निकलता , होमवर्क बाद में करता और खेलते-खेलते वक्त का ध्यान ही नहीं रखता था।और वक्त निकल जाता ।
एक दिन उसकी मां ने कहा, “ बेटा राहुल, समय किसी के लिए रुकता नहीं है। अगर तुम समय की कीमत नहीं समझोगे, तो समय तुम्हें पीछे छोड़ देगा,और लोग आगे निकल जाएंगे।” राहुल ने बात तो सुनी, पर ध्यान ही नहीं दिया।
अगले दिन स्कूल में चित्रकला प्रतियोगिता थी। राहुल ने सोचा कि वह सुबह जल्दी तैयार हो जाएगा। लेकिन जैसे ही उसका पसंदीदा कार्टून टीवी पर शुरू हुआ, वह टीवी देखने में लग गया। जब तक उसने चित्र बनाना शुरू किया, बहुत time निकल चुका था। स्कूल जाते ही घंटी बज गई, और उसे पता चला कि उसकी फाइल अधूरी रह गई है, और चित्र भी बना नहीं है।
इस बार राहुल को दुख हुआ। उसने देखा कि उसके एक दोस्त मोहित, मोहित ने अपना चित्र दिए हुए वक्त पर पूरा किया था और अच्छा चित्र बनाया था और उसे पहला पुरस्कार भी दिया जा रहा था। राहुल को अब मां की सारी बातें याद आ रही थी,मां ने सच ही कहा था — “समय की कीमत समझो।” उसी दिन उसने तय किया कि अब वह अपना हर काम वक्त पर करेगा।
उस दिन से राहुल ने एक घड़ी अपने मेज़ पर रखी। वह पढ़ाई, खेल, टीवी — सब कुछ के लिए समय को निर्धारित करने लगा। परिणाम यह हुआ कि कुछ ही दिनों में उसके नंबर भी अच्छे आ गए और शिक्षक भी उसकी तारीफ़ करने लगे।स्वीकूच बदल सा गया राहुल के जीवन उसे एहसास हो गया था ।
“जो समय की कद्र करता है, वही जीवन में आगे बढ़ता है।”
समय का सही उपयोग करना न सिर्फ हमें अनुशासन सिखाता है, बल्कि सफलता की ओर भी ले जाता है। जैसे हर ताले की चाभी होती है, वैसे ही समय वो चाभी है ,बच्चे अगर यह आदत बचपन से अपना लें, तो उनका भविष्य सुनहरा बन सकता है। और हम सबका भी , क्यो की बच्चे हमसे कही न कही प्रेरित होते है ।
मान लो ,जैसे सुबह अगर हम 10 मिनट पहले स्कूल की तैयारी कर लें, तो नाश्ता आराम से कर पाते हैं और बिना जल्दीबाज़ी के स्कूल जाते हैं। यही 10 मिनट बाद में हमें पूरे दिन के लिए सुकून और आत्मविश्वास बढ़ा देते हैं। छोटे-छोटे निर्णय जैसे सही टाइम पर उठना, वक्त पर खाना या पढ़ाई करना — यही भविष्य को सुंदर बना सकते हैं।
नैतिक शिक्षा:
“समय सबसे अमूल्य धन है — जो इसका आदर करता है, वही जीवन में सफल होता है।”
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धन्यवाद, जय हिंद

Ha samay ke pahle karna sab kuch aaramdayak hota hai