लालच एक ज़हर है– एक गलती , एक सबक
लालच एक ज़हर है – एक गलती, एक सबक कहानी छोटी ज़रूर है लेकिन बहुत पावरफुल है,ये कहानी हमें बताती है…
लालच एक ज़हर है – एक गलती, एक सबक
कहानी छोटी ज़रूर है लेकिन बहुत पावरफुल है,ये कहानी हमें बताती है जितना मिला है उसमें खुश रहो। जीवन में सबके कुछ न कुछ परेशानियां तो है ,ही लेकिन कभी भी गलत रास्ता उसका मार्ग नहीं हो सकता है , क्योंकि गलत रास्ता कुछ समय कुछ साल के लिए सही हो सकता है ,लेकिन हमेशा गलत ही होगा , उसका परिणाम आपने आप कही न कही से आपके आगे आ जायेगा। ऐसी ही एक कहानी है जो कि है रामदीन की जो लालच के चक्कर में फंस जाता है ।तो शुरू करते है ,लालच एक ज़हर है।
एक बार की बात है,एक छोटे से गांव के किनारे एक साधारण सा घर था, जहा रामदीन अपनी मेहनत और सादगी से जीवन जीता था।
उसका मानना था कि सुकून मेहनत में है, क्योंकि लालच एक ज़हर है।
लोग उसे इतना इज्ज़त देते थे, क्योंकि वह कम पैसे में भी खुश रहता था और अक्सर कहता था कि लालच एक ज़हर है। 
लेकिन हम सब कही न कही जानते है ,की समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता, और इंसान का मन भी हमेशा मज़बूत भी नहीं होता है।एक दिन शहर से आए एक व्यक्ति ने जंगल में छिपे ख़ज़ाने की बात बताई और कहा ख़ज़ाना बहुत ज्यादा है , रातों रात अमीर बन सकते हो ।उसने आगे पीछे कुछ नहीं सोचा और वो आदमी चला गया।लेकिन कही न कही उसके मन ख़ज़ाना का लालच देकर।
रामदीन ने पहले तो मना किया कि नहीं ये सब गलत है , पर रात के सन्नाटे में वही बात उसके मन में गूंजती रही कि लालच एक ज़हर है, फिर भी उसका मन ख़ज़ाना का नाम सुनकर डगमगा सा गया।
सुबह होते ही ,नहा धोकर कपड़े लेकर वह जंगल की ओर निकल पड़ा बिना कुछ भी सोचे समझे। हर एक क़दम पर उसके भीतर एक आवाज़ थी जो कह रही थी — लालच एक ज़हर है,लेकिन वह आवाज़ कही दबती चली जा रही थी।
जंगल का रास्ता कठिन तो था ,ही और चारों ओर अंधेरा और डर। फिर भी वह आगे बढ़ता रहा, यह भूलकर कि लालच एक ज़हर है। कुछ दूर जाने पर उसे एक पुराना संदूक दिखाई दिया। संदूक खोलते ही सोने के सिक्के चमक उठे और उसी पल उसे अपनी मां की कही बात याद आई।
“बेटा, याद रखना…लालच एक ज़हर है ।” उसने फिर भी सिक्के उठाना शुरू कर दिया। अचानक ज़मीन हिलने सी लगी, एक बड़ा पत्थर गिरा और उसका पैर वही फंस गया।
दर्द में चिल्लाते हुए उसे पहली बार गहराई से एहसास हुआ कि सच में लालच एक ज़हर है । काफी संघर्ष के बाद वह किसी तरह बाहर निकला। घर पहुंचते ही वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
जब होश आया तो उसने अपनी पत्नी को पास बैठे देखा, जिसकी आंखों में डर था, और कोई भी शिकायत नहीं। बीमारी के दिनों में पत्नी ने उसकी सेवा की, बिना किसी सवाल के।
तब रामदीन को समझ आया कि सच में लालच एक ज़हर है, क्योंकि यह इंसान को अपनों से दूर ले जा सकता है। ठीक होने के बाद उसने सारे सिक्के एक मंदिर में दान कर दिए पत्नी का हाथ पकड़कर उसने कहा, “आज समझ आया कि लालच एक ज़हर है , और यह ज़हर सबसे पहले इंसान की आत्मा को मारता है।”
अब जब भी कोई रामदीन को जल्दी अमीर बनने का रास्ता बताता है, रामदीन मुस्कुरा कर सिर्फ़ इतना ही कहता है, लालच एक ज़हर है,हम सबको और अपने बच्चों सही हिदायत देने की ज़रूरत है।
लालच एक ज़हर है
जो इंसान को धीरे-धीरे भीतर से खोखला कर देता है।
संतोष कम देता है, लेकिन शांति ज़रूर देता है।
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धन्यवाद, जय हिंद

लालच कभी नहीं करना चाहिए